हिंदी दिवस 14 सितम्बर 2019 पर विशेष।
आज का दौर वैश्वीकरण का है। आज कल विशेषतया भारतवर्ष में अंग्रेजी बोलने वालों को उच्च कोटि का विद्वान समझा जाता है। मैं स्वयं इस बात से सहमत हूं कि अंग्रेजी भाषा विभिन्न भाषाई क्षेत्रों के लोगों को एक साथ एक मंच साक्षा करने में तथा आपस में संवाद स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करती है। परन्तु यदि हम देशवासी चाहें तो सार्वजनिक, राजनीतिक एवं आर्थिक मंचों पर हिंदी के संवाद को बढ़ावा दे सकते हैं। ऐसा करके हम पिछड़ेगे नहीं अपितु एक सशक्त राष्ट्र बनकर ब्रिटिश काल की अनदेखी जंजीरों से छूटकर स्वतंत्र भारत में अपनी मातृभाषा को वैश्विक पहचान दिलाएंगे।
-अनुराग`बासु`त्रिपाठी
#The_AB_Tripathi
www.facebook.com/theabtripathi.official
आज का दौर वैश्वीकरण का है। आज कल विशेषतया भारतवर्ष में अंग्रेजी बोलने वालों को उच्च कोटि का विद्वान समझा जाता है। मैं स्वयं इस बात से सहमत हूं कि अंग्रेजी भाषा विभिन्न भाषाई क्षेत्रों के लोगों को एक साथ एक मंच साक्षा करने में तथा आपस में संवाद स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करती है। परन्तु यदि हम देशवासी चाहें तो सार्वजनिक, राजनीतिक एवं आर्थिक मंचों पर हिंदी के संवाद को बढ़ावा दे सकते हैं। ऐसा करके हम पिछड़ेगे नहीं अपितु एक सशक्त राष्ट्र बनकर ब्रिटिश काल की अनदेखी जंजीरों से छूटकर स्वतंत्र भारत में अपनी मातृभाषा को वैश्विक पहचान दिलाएंगे।
-अनुराग`बासु`त्रिपाठी
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